समय के साथ गोरखपुर की पहचान भी बदल रही

गोरखपुर। समय के साथ गोरखपुर की पहचान भी बदल रही है। शहर में प्रतिदिन भीषण जाम, अंतिम सांसे लेता एकलौता मेडिकल कालेज, गंदे तालाब में तब्‍दील होता शहर से सटा दो हजार एकड़ का विशाल रामगढ़ ताल, बंद खाद कारखाना और इस कारखाना को खुलवाने और मेडिकल कालेज को बंद होने से बचाने की लिए शहर की लोगों की छटपटाहट अब अपना रूप बदल चुकी है।


दस साल पहले तक खाद कारखाना को चालू करवाने और मेडिकल कालेज को बंदी से बचाने के लिए शहर में आए दिन आंदोलन होते थे। खाद कारखना का चालू होना, मेडिकल कालेज का कायाकल्‍प, गोरखपुर में एम्‍स बनना, शहर से होकर तीन-तीन फोर लेन का गुजरना और रामगढ़ ताल का जुहू चौपाटी तक तरह विकसित होना शहर के लोगों के लिए किसी सपने से कम नहीं है।



जिस रामगढ़ताल क्षेत्र को शहर के सबसे उपेक्षित क्षेत्रों में गिना जाता था, वह महानगर के प्रमुख पर्यटक स्थल के रूप में विकसित हो चुका है। इस क्षेत्र को कोई जुहू चौपाटी कहने लगा है तो कोई शहर का दिल। समूचा ताल क्षेत्र ऐसा बदल चुका है कि न केवल शहर बल्कि आसपास के जिलों से आए लोग भी यहां आकर खुद को तरोताजा करते हैं।


रामगढ़ ताल को और भी सुंदर क्षेत्र बनाने में एक कड़ी और जुड़ गई है। एक तरफ नया सवेरा पर प्रदेश का सबसे उंचा झंडा लहराएगा तो वहीं दूसरे छोर जेट्टी पर  सेल्फी प्वाइंट बनाया गया है। इससे पर्यटक गोरखपुर की यादों को भी अपनी सेल्फी में समेट सकेंगे। तस्वीरें ऐसी आएंगी जिसमें प्यार तो जरूर झलकेगा। भाई, इसकी बनावट ही ऐसी है। इस सेल्फी प्वाइंट को 'आई लव गोरखपुर' का नाम दिया गया है।